Patna News: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की भारी जीत के बाद मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार बुधवार को पार्टी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। पार्टी दफ्तर में जदयू ने अपनी शानदार चुनावी जीत के बाद कर्मठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया तथा आगामी रणनीति पर चर्चा की।
नीतीश कुमार ने ली अभियान की पहली सदस्यता
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले नए सदस्यता अभियान में खुद सदस्यता ग्रहण की। उनके बाद राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी सदस्यता ली। पार्टी के अनुसार 2025 के विधानसभा चुनाव में जदयू को 85 सीटों पर जीत मिली, जिसके बाद संगठन को और मजबूत करने की दिशा में यह नई पहल की जा रही है।
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तीन वर्ष में 1 करोड़ नए सदस्यों का लक्ष्य
प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री का फोकस अब संगठन विस्तार पर है। जदयू ने अगले तीन साल में एक करोड़ नए सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसी कड़ी में बूथ से लेकर जिला स्तर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। नेतृत्व का मानना है कि सदस्यता बढ़ाकर संगठनात्मक मजबूती को नई दिशा दी जा सकती है।
सांसद संजय झा ने बताया कि सदस्यता अभियान की औपचारिक शुरुआत मुख्यमंत्री को पहली सदस्यता प्रदान कर की गई। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी विधायकों और पदाधिकारियों ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद संभालने पर नीतीश कुमार को बधाई दी।
जमीनी स्तर पर व्यापक अभियान चलेगा
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य है कि हर बूथ पर सक्रिय सदस्य बनाए जाएं और जिले से लेकर प्रदेश तक संगठन को मजबूत रूप दिया जाए। उन्होंने बताया कि यह सदस्यता अभियान जदयू की भावी राजनीतिक रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विपक्ष पर जदयू का निशाना
वक्ताओं ने विपक्ष पर भी कटाक्ष किया। राजीव रंजन ने कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद राजद के नेता हताश हैं, इसलिए अनर्गल बयानबाज़ी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल अब भ्रम फैलाने में जुटे हैं कि जदयू भाजपा में विलय करने जा रही है।
मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जो लोग नीतीश कुमार के स्वास्थ्य पर सवाल उठा रहे थे, उन्हें उनके कार्य करने की क्षमता से सबक लेना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजद नेता समीक्षा बैठक भी पार्टी कार्यालय में नहीं, बल्कि घर पर करते हैं, जबकि मुख्यमंत्री लगातार जनता और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहते हैं।






