Darbhanga News: दरभंगा जिले में रविवार अहले सुबह करीब 4:20 बजे घनश्यामपुर थाना पुलिस को सूचना मिली कि जमालपुर थाना क्षेत्र के किरतपुर बाजार में चोरी कर छह से सात संदिग्ध दोहथा गांव की ओर भाग रहे हैं। सूचना मिलते ही घनश्यामपुर थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस वाहन देखते ही संदिग्ध अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे।
शोरगुल के बीच ग्रामीण भी जाग गए और पुलिस के साथ मिलकर पीछा किया। इसी दौरान एक संदिग्ध ने पुलिस पर एक राउंड फायरिंग की, हालांकि घटना में किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से घेराबंदी कर सातों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान बुद्ध पाल सिंह (65), बीर सिंह (30), प्रसादी (55), धर्मपाल (25), सेवा सिंह (32), मंगल सिंह उर्फ मउ (31) — सभी शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी — तथा कन्हैया लाल (34), निवासी हाथरस (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने दो अवैध हथियार, पांच जिंदा कारतूस, लगभग दो किलो चांदी जैसे आभूषण, मोबाइल फोन, ताला-शटर तोड़ने के औजार, मनोज ज्वेलर्स का बैग और रसीद बुक बरामद की।
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पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद जेवरात जमालपुर थाना क्षेत्र के किरतपुर बाजार स्थित मनोज ज्वेलर्स से चोरी किए गए थे। उनकी निशानदेही पर बाजार से अन्य चोरी का सामान भी बरामद किया गया। आरोपियों ने दरभंगा के बहेड़ा, बहेड़ी और लहेरियासराय थाना क्षेत्रों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूली है। कुछ अभियुक्तों के विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं।
ग्रामीण एसपी आलोक कुमार ने बताया कि तकनीकी जांच में आरोपियों की मोबाइल लोकेशन समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के आसपास पाई गई। यह गिरोह खानाबदोश जीवन शैली में झुग्गी-झोपड़ियों में रहकर अलग-अलग स्थानों पर रेकी करता था। इनके साथ कुछ महिलाएं भी रहती थीं।
ग्रामीण एसपी ने कहा कि गिरोह उन इलाकों को चिन्हित करता था, जहां पुलिस गश्ती कम रहती थी और फिर रात में योजनाबद्ध तरीके से चोरी करता था। आरोपियों की निशानदेही पर समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर क्षेत्र से भी भारी मात्रा में चोरी के गहने बरामद किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि खानाबदोश तरीके से रह रहे संदिग्ध लोगों पर विशेष निगरानी रखें और अन्य जिलों की पुलिस से भी समन्वय बनाए रखें।
ग्रामीण एसपी आलोक कुमार ने दोहथा गांव के ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि साहस दिखाकर पुलिस का सहयोग करना सराहनीय है। ऐसे ग्रामीणों को सम्मानित कर ‘पुलिस मित्र’ के रूप में पहचान दी जाएगी।





