Bihar News: बिहार के गयाजी जिले के शेरघाटी अनुमंडल अंतर्गत भलुआचट्टी में संचलित एक अवैध डिपो मे एक जॉइंट छापेमारी की गई । छापेमारी के दौरान, टीम ने कोयले से भरे दो ओवरलोडेड ट्रकों को पकड़ा, जिन्हें झारखंड में चालान जारी किए गए थे। ट्रकों के खिलाफ ज़रूरी कानूनी कार्रवाई की गई और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में अवैध कोयला व्यापार में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है।छापेमारी की तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें मौके पर मौजूद अधिकारी रेड करते दिख रहे हैं।
भलुआचट्टी क्षेत्र में दर्जनों अवैध डिपो खुलेआम संचालित हो रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ एक ही डिपो को निशाना बनाया जाना कई सवाल खड़े करता है। शेरघाटी अनुमंडल के SDO मनीष कुमार की इस छापेमारी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि शायद उन्हें “काम पवार का चश्मा” लगा है, तभी बाकी अवैध डिपो उन्हें नजर नहीं आए। अगर प्रशासन निष्पक्ष है, तो सभी अवैध डिपो पर समान कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इस एकतरफा कार्रवाई से SDO मनीष कुमार की कार्यशैली और मंशा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
कार्रवाई पर सवाल, ये है बिहार आज का सवाल
हम कहते हैं छापेमारी करने वाले ऐसे अफसरों को इनाम मिलना चाहिए… जो बेखौफ हो कर ऐसा काम कर रहे हैं… अवैध कोयले के कारोबारियों की कमर तोड़ रहे हैं… लेकिन इन छापा मारने वाले अफसरों से “बिहार आज” सवाल पूछता है…
1. क्या भलुआचट्टी क्षेत्र में बस एक ही अवैध रुप से संचालित होने वाला कोयला डिपो हैं…या फिर कुछ और भी है।
2. सुत्रों के अनुसार इस क्षेत्र में दर्जनों अवैध कोल डिपो हैं। अगर सही है तो सिर्फ एक अवैध कोल डिपो पर ही छापेमारी क्यों ? एक साथ सभी अवैध कोल डिपो पर छापेमारी क्यों नहीं।
3. पता चला है कि मनीष कुमार जी मई 2025 में शेरघाटी अनुमंडल के एसडीओ का पदभार ग्रहण किया है…ऐसे में 8 माह में सिर्फ एक अवैध कोल डिपो ही दिखा? बाकियों के लिए आपकी नज़र कब खुलेगी।
4. सुत्र बताते हैं कि सभी अवैध कोल डिपो के संचालक साहब को खुश करते हैं। खुश करने में देरी से साहब नाराज हो जाते हैं। और नाराजगी में छापेमारी कर देते हैं।
5. तो क्या यह समझा जाय कि यह छापेमारी आपके नाराजगी का परिणाम है। अगर नहीं तो दर्जनभर चल रहे अवैध कोल डिपो आपको कब नज़र आएंगे।
बिहार के सूत्र ने बताया साहब का कुछ राज
सूत्र बताते है की यह छापेमारी चढ़ावा चढ़ाने मे हुई देरी के कारण हुई है । भालुआचट्टी मे दर्जनों अवैध डिपो संचालित है । लेकिन उनके चसमे की पावर शायद कम हो गई होगी जिसके वजह से सिर्फ एक डिपो महोदय को दिखाई दिया है । इतना ही नहीं सूत्र ने यह भी बताया की डोभी बॉर्डर के पास कुछ लोग जो SDO साहब के नाम से अवैध वसूली करता है ।





