Patna News: बिहार सरकार ने राज्य को पूर्वी भारत के ‘न्यू एज इकॉनमी’ का केंद्र और एक प्रमुख टेक हब बनाने के लिए उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की, जिन्होंने “अभी नहीं तो कभी नहीं” के सिद्धांत पर विशेष जोर देते हुए कहा कि राज्य के लिए यह समय निर्णायक है। बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल ही में कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की कार्ययोजना और उनके सफल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना था।
मुख्य सचिव ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि बिहार को तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाना अब प्राथमिकता बन गई है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे राज्य के ऐसे योग्य और प्रतिभाशाली व्यक्तियों की सूची तैयार करें, जो बिहार के विकास में सक्रिय योगदान दे सकें। उनका कहना था कि राज्य के पास ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने देश और विदेश में अपने क्षेत्र में नाम कमाया है और उनकी विशेषज्ञता बिहार की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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बैठक में यह भी चर्चा हुई कि हाल ही में आयोजित ‘उद्योग वार्ता’ में कई निवेशकों और उद्यमियों ने बिहार में निवेश की गहरी रुचि दिखाई। यह संकेत है कि राज्य में व्यवसायिक वातावरण और नवाचार के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। मुख्य सचिव ने सभी विभागों से कहा कि वे इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाएं और बिहार को तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएं।
इस पहल से न केवल राज्य के युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बिहार को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान प्राप्त होगा। यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।





