Bihar News: बिहार सरकार की ओर से नए विभागों के गठन और राज्य कर्मियों के लिए पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने के फैसले पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख व राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम जनहित से जुड़ा है और इससे विकास की रफ्तार तेज होगी।
“राज्यकर्मियों को मिलेगा सीधा लाभ”
कुशवाहा ने कहा कि महंगाई भत्ते में की गई बढ़ोतरी स्वागतयोग्य है और इससे बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशीलता और कर्मियों के हित में उठाया गया कदम बताया।
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पेंशन विवाद पर दिया जवाब
उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में मीडिया में चल रही उन खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें दावा किया गया था कि कुछ पूर्व विधायक और पूर्व विधान परिषद सदस्यों के द्वारा पेंशन ली जा रही है। कुशवाहा ने कहा कि आरटीआई के आधार पर प्रकाशित खबरें अधूरी जानकारी पर आधारित हैं।
“सदन में रहते हुए कभी नहीं ली पेंशन”
कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि जिन सूची में उनका नाम दिखाया गया है, वह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि जब भी वे किसी सदन के सदस्य रहे हैं, उन्होंने केवल संबंधित सदन से वेतन लिया है, पेंशन नहीं। उन्होंने बताया कि वे केवल उसी अवधि में पेंशन प्राप्त करते रहे हैं, जब वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे।
उन्होंने कहा,
“मैं आज राज्यसभा का सदस्य हूं और राज्यसभा से ही वेतन लेता हूं। विधानसभा या विधान परिषद से कोई पेंशन नहीं ले रहा हूं। नियम भी यही है कि कोई व्यक्ति एक साथ किसी सदन का वेतन और किसी अन्य सदन की पेंशन नहीं ले सकता, और मैं इसका पूर्ण पालन करता हूं।”
किन नेताओं का आया नाम
बताया जा रहा है कि आरटीआई में जिन नेताओं के नाम आए हैं, उनमें केंद्र सरकार में मंत्री सतीश चंद्र दुबे, बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, तथा देवेश चंद्र ठाकुर, ललन कुमार सर्राफ, नितीश मिश्रा और संजय सिंह के नाम भी शामिल हैं।





