Madhepura News: मधेपुरा जिले में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच शनिवार को एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। जिला प्रशासन सड़क किनारे दुकानों को हटाने की कार्रवाई कर रहा था, जिसमें कई दुकानदारों पर आरोप है कि वे जानबूझकर सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा जमाते हैं।
जबकि कुछ मजबूरी में पेट पालने के लिए फुटपाथ पर दुकान लगाने को मजबूर होते हैं। अभियान के दौरान प्रशासन और स्थानीय दुकानदारों के बीच बातचीत भी चल रही थी, तभी एक अधिकारी का बयान अचानक माहौल को गरमा गया।
कॉलेज चौक पर हो रही कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने वैकल्पिक व्यवस्था की मांग रखी। इस पर संबंधित अधिकारी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा— “जिनके पास अपनी व्यवस्था नहीं, वे पाकिस्तान चले जाएँ।” इस बयान ने मौके पर मौजूद लोगों को आक्रोशित कर दिया। थोड़ी ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया।
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अधिकारी के इस कथित टिप्पणी की व्यापक निंदा हो रही है। आम लोगों से लेकर सामाजिक संगठनों तक ने इसे असंवेदनशील और अपमानजनक बताया है। विपक्षी दल राजद ने इस घटना को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने एनडीए सरकार पर गरीबों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी का बयान सरकार की सोच को दर्शाता है।
इस विवाद के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। लोग अब अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित दुकानदारों के लिए बेहतर समाधान की मांग कर रहे हैं। अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच उठी इस नई राजनीतिक बहस ने जिले का माहौल और गरमा दिया है।







