Patna News: बिहार सरकार ने डेयरी क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस वर्ष लगभग 35,000 नई डेयरी इकाइयां स्थापित की गई हैं। यह उपलब्धि राज्य के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है, जिसने राज्य में डेयरी उद्योग को तेजी से बढ़ावा दिया है।
समग्र गव्य विकास योजना के तहत इस वर्ष 33,889 और देशी गौपालन योजना के तहत 1,091 नई डेयरी इकाइयां स्थापित की गई हैं। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को ऋण-सह-अनुदान की सुविधा दी जाती है। अनुसूचित जाति/जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग को 75% तक और अन्य श्रेणी के लाभार्थियों को 50% तक अनुदान मिलता है।
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समग्र गव्य विकास योजना, जिसकी शुरुआत 2014-15 में हुई थी, ने अपने पहले वर्ष में केवल 4,080 इकाइयां स्थापित की थीं, जो 2024-25 में बढ़कर 33,889 हो गई हैं। इसी योजना की सफलता को देखते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 48.48 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। देशी गौपालन योजना की उपलब्धि भी 923 से बढ़कर 1,091 इकाइयों तक पहुंच गई है।
इन योजनाओं के कारण बिहार में दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2004-05 में कुल दूध उत्पादन 4,743 हजार मीट्रिक टन था, जो 2023-24 में बढ़कर 12,852.99 हजार मीट्रिक टन हो गया, यानी 60% से अधिक की वृद्धि। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से रोजगार बढ़ा है, किसानों की आय में सुधार हुआ है और राज्य की डेयरी क्षमता मजबूत हुई है।
बिहार का डेयरी क्षेत्र अब तेजी से विकास की राह पर है, जो योजनाओं और राज्य समर्थन की सफलता को दर्शाता है।







