Patna News: पटना में नीतीश सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में कृषि विभाग ने एक नया एक्शन प्लान लागू किया है, ताकि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।
कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ समन्वय बनाकर लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही मुख्यालय स्तर से गठित उड़नदस्ता टीमें विभिन्न जिलों और प्रखंडों में उर्वरक प्रतिष्ठानों, गोदामों और संदिग्ध स्थानों की नियमित जांच कर रही हैं।
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इसी अभियान के तहत पूर्वी चंपारण जिले के बनकटवा प्रखंड के रेगनिया और अगरवा गांव में अवैध उर्वरक भंडारण की सूचना पर संयुक्त छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान कई प्रतिष्ठानों और निजी आवासों से बड़ी मात्रा में यूरिया और अन्य उर्वरक जब्त किए गए। विभिन्न गोदामों और घरों से सैकड़ों बोरे यूरिया के साथ-साथ एसएसपी और एमओपी भी बरामद किए गए।
प्रधान सचिव ने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से संग्रहित उर्वरकों की जब्ती के साथ संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। दोषियों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और आवश्यकतानुसार प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें। साथ ही कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली या अवैध भंडारण की जानकारी तुरंत स्थानीय कृषि कार्यालय या जिला प्रशासन को दें। कृषि विभाग ने भरोसा दिलाया कि किसानों के हित में ऐसे अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेंगे।





