Bihar News: डुमरा के कलेक्ट्रेट कॉम्प्लेक्स में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक आदमी ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, पुलिस सुपरिटेंडेंट और दूसरे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गाली-गलौज करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। इस अचानक हुई घटना से कॉम्प्लेक्स में मौजूद अधिकारी, स्टाफ और आम जनता कुछ देर के लिए हैरान रह गए।
लोगों में डर का माहौल बन गया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। चश्मदीदों के मुताबिक, वह आदमी जोर-जोर से चिल्ला रहा था और प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को गालियां दे रहा था। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। हालात बिगड़ते देख तुरंत डुमरा पुलिस स्टेशन को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उस आदमी को समझाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस की उसे शांत करने की कोशिशें नाकाम रहीं और वह और भी ज़्यादा आक्रामक हो गया। बताया जा रहा है कि उसे शांत कराने की कोशिश के दौरान उस आदमी ने पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की भी की।
इससे मौके पर तनाव और बढ़ गया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करके उसे काबू में करना पड़ा और हिरासत में लेना पड़ा। इसके बाद कलेक्ट्रेट कॉम्प्लेक्स में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो गए। हिरासत में लेने के बाद उस आदमी का ब्रेथलाइज़र टेस्ट किया गया, लेकिन शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, हंगामा करने वाले आदमी की पहचान राघवेंद्र सिंह उर्फ पंकज सिंह के रूप में हुई है, जो बथनाहा पुलिस स्टेशन इलाके के मझौलिया वार्ड नंबर 10 का रहने वाला है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उसकी मानसिक स्थिति की भी जांच की। इस संबंध में डुमरा पुलिस स्टेशन के SHO मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि हंगामा करने वाले युवक के परिवार वालों को थाने बुलाया गया। परिवार ने पुलिस को बताया कि युवक की मानसिक स्थिति पिछले दो-तीन महीनों से ठीक नहीं है और उसके इलाज के लिए तैयारियां चल रही थीं। SHO मुकेश कुमार ने कहा कि परिवार के बयान और शुरुआती जांच को देखते हुए पुलिस ने आपराधिक मामला चलाने के बजाय मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। इसके तहत, युवक को उसके परिवार के साथ इलाज के लिए भेज दिया गया। परिवार को जल्द से जल्द उसका मेडिकल कंसल्टेशन कराने की भी सलाह दी गई।





