Munger News: साइबर ठगी के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल के दिनों में साइबर ठग सेवानिवृत्त कर्मचारियों को निशाना बनाकर पेंशन बंद होने का डर दिखा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिटायर हो चुके कर्मचारियों की निजी जानकारी साइबर अपराधियों तक आखिर पहुंच कैसे रही है।
सूत्रों के अनुसार आशंका जताई जा रही है कि कुछ स्तरों पर डेटा लीक होने का फायदा ठग उठा रहे हैं। ठग खुद को किसी कंपनी या संस्था से जुड़ा बताकर पेंशन बंद करने की धमकी देते हैं और इसी बहाने बैंक व यूपीआई से जुड़ी जानकारी हासिल कर लेते हैं। हैरानी की बात यह भी सामने आई है कि एक ही दिन में बार बार बड़ी रकम के ट्रांजेक्शन होने के बावजूद कई मामलों में बैंक स्तर पर तुरंत रोक नहीं लग पाई।
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इस संबंध में साइबर थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ठग संगठित तरीके से काम कर रहे हैं और आम लोगों की कमजोरी का फायदा उठा रहे हैं।
साइबर विशेषज्ञों और अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की जानकारी केवल आधिकारिक और प्रमाणिक माध्यमों से ही प्राप्त करें। फोन कॉल या मैसेज के जरिए आने वाले निर्देशों पर भरोसा न करें और बैंक खाता यूपीआई ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए जरूरी है कि पेंशन बैंक या यूपीआई से जुड़ा कोई भी कॉल या संदेश मिलने पर पहले उसकी सत्यता की पूरी जांच कर ली जाए ताकि जीवन भर की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।





