Patna News: पटना स्थित बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के एससी विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं को लेकर कांग्रेस नेताओं ने तीखा हमला बोला।
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि संविधान निर्माण के समय डॉ. भीमराव अंबेडकर काम के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन परिस्थितियों के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2005 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने मनरेगा योजना लागू की, जिसके तहत ग्रामीणों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई। इसका उद्देश्य गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना और भूखमरी को रोकना था।
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उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार ने मनरेगा की मूल भावना को कमजोर किया है। पहले जहां इस योजना में ग्राम सभाओं को अहम भूमिका दी गई थी, वहीं अब अधिकार केंद्रीकृत कर दिए गए हैं और राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया गया है। उनका कहना था कि इससे राज्य सरकारों के लिए योजना का प्रभावी संचालन कठिन हो गया है।
राजेंद्र पाल गौतम ने केंद्र सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि वह नई योजनाएं लाने के बजाय पुरानी योजनाओं के नाम बदलने का काम कर रही है। उन्होंने शिक्षा, ग्रामीण विकास, शहरी आजीविका, विद्युतीकरण और आवास से जुड़ी कई योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल नाम बदलने से जमीनी हकीकत नहीं बदलती।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान मनरेगा के जरिए ग्रामीण विकास और गरीबों के आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिली थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस योजना को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी नीतियों का विरोध करती है जो असमानता को बढ़ावा देती हैं और गरीबों के अधिकारों को सीमित करती हैं।
संवाददाता सम्मेलन का संचालन प्रदेश कांग्रेस के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने किया। इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।






