Bihar News: बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के बाद हलचल तेज होने की परंपरा रही है और इस बार भी सियासी गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया दिल्ली दौरे के बाद कैबिनेट विस्तार और राजनीतिक फेरबदल की अटकलें और मजबूत हो गई हैं। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, जिसे राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
इसी बीच मंत्री नितिन नबीन को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद मंत्रिपरिषद में एक पद खाली हो गया है। हालांकि उनके विभागों का अस्थायी बंटवारा कर दिया गया है और अतिरिक्त प्रभार मंत्री दिलीप जायसवाल तथा उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा को सौंपा गया है। इसके बावजूद मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं बनी हुई हैं।
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एनडीए मंत्रिपरिषद के तय फार्मूले के अनुसार बिहार में भाजपा के हिस्से 17 मंत्री पद, जदयू के पास मुख्यमंत्री समेत 15 मंत्री पद, लोजपा को दो जबकि हम और आरएलएम को एक-एक मंत्री पद निर्धारित हैं। मौजूदा स्थिति में नीतीश मंत्रिपरिषद में कुल 10 मंत्री पद खाली हैं, जिनमें से छह पद जदयू और चार पद भाजपा कोटे से भरे जा सकते हैं।
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार बिहार में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में मकर संक्रांति के बाद नीतीश कैबिनेट का विस्तार होने और राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में मंत्रिपरिषद को नया स्वरूप मिल सकता है।






